बहुत से पढ़े लिखे लोग जीवन में
कभी सफल नहीं होते ,
क्योंकि वो अपने ज्ञान का
कभी उपयोग नहीं करते।
आपके शरीर को जैसे पोस्टिक भोजन की हर रोज जरूरत पड़ती हैं
वैसे ही आपके दिमाग को मानशिक पोषण की जरुरत होती है
इसलिए हर रोज पढ़ते रहिये क्युकी पढ़ना लिखना और समझना यह मानसिक भोजन है।
जो अपना मूल्यांकन स्वयं करते हैं
वो हमेशा खुश रहते हैं ,
परेशान तो वो रहते है
जो हमेशा दूसरों का मूल्यांकन करते हैं।
अगर किसी काम में पूरी तरह से नहीं
लग सकते तो उसे पूरी तरह से छोड़ दें।
अगर हम खुद से प्यार नहीं करते
तो हम किसी दूसरे को प्यार नहीं कर सकते ,
जो चीज आपके पास नहीं हैं
वह आप दुसरो को भी नहीं दे सकते।
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